मध्यप्रदेश में सोशल ऑडिट और सामाजिक मूल्यांकन स्वयंसेवी संस्थाओं को सौंपने की मांग

 




भोपाल से बड़ी पहल

यूएनजीओ प्रतिनिधिमंडल ने विस अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर से की मुलाकात, 2 अक्टूबर को विधानसभा में 'एनजीओ संसद' पर बनी सहमति


भोपाल/ नरसिंहपुर केसर* मध्यप्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों और जनकल्याणकारी योजनाओं के सामाजिक मूल्यांकन तथा सोशल ऑडिट का जिम्मा स्वयंसेवी संस्थाओं को देने की मांग तेज हो गई है।

इस संबंध में स्वयंसेवी संस्थाओं के साझा मंच यूनाइटेड एनजीओ (यूएनजीओ) के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज भोपाल में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर से उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विस अध्यक्ष के माध्यम से राज्य शासन और मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जमीनी स्तर की हकीकत जानने वाली एनजीओ को इस काम में भागीदारी दी जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं समाज के विभिन्न वर्गों के बीच लंबे समय से काम कर रही हैं, इसलिए उन्हें योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की बेहतर जानकारी है। उनकी भागीदारी से मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा।

बैठक में आगामी *2 अक्टूबर 2026 को मध्यप्रदेश विधानसभा में 'एनजीओ संसद'* आयोजित करने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस आयोजन को विधानसभा सभागार में कराने का आश्वासन दिया।


प्रतिनिधिमंडल में यूएनजीओ अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद शर्मा, समूह प्रमुख संतोष पुरोहित, गांधी भवन न्यास के सचिव अंकित मिश्रा, वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी, रेखा सोनी, सुहास, वरिष्ठ समाजसेवी मुंजाल ठाकुर, वरिष्ठ छायाकार भुवनेश्वर प्रसाद और रश्मू सोनी शामिल रहे।

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