विशेष रिपोर्टर | नरसिंहपुर|माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अखिलेश शुक्ला के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय नरसिंहपुर में न्यायिक परिवार के कल्याण और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए ‘उल्लास: एक अभिनव प्रयोग’ के तहत दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था।
*15 अगस्त को हुआ वृक्षारोपण और सांस्कृतिक संध्या*
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर न्यायालय परिसर में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और स्टाफ ने मिलकर पौधे लगाए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी ने हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने गीत, काव्यपाठ और स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और देशभक्तिमय बना दिया।
*16 अगस्त को बच्चों ने दिखाई प्रतिभा*
दूसरे दिन न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिता रखी गई। बच्चों ने अपनी कला से सभी को हैरान कर दिया।
*प्रतियोगिता के विजेता:*
- *चित्रकला:* प्रथम - आराध्या पटैरिया, द्वितीय - अनिरुद्ध साहू, तृतीय - संस्कार सेन
- *रंगोली:* प्रथम - शिवानी ठाकुर, द्वितीय - संस्कृति सेन, तृतीय - गरिमा चौधरी
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अखिलेश शुक्ला ने रेवांशी पटवा एवं देवांश पटवा साहित सभी 28 प्रतिभागी बच्चों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिए। साथ ही विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर उनका उत्साह बढ़ाया।
*गाडरवारा, गोटेगांव और तेंदूखेड़ा में भी हुआ आयोजन*
‘उल्लास’ के तहत इसी तरह के कार्यक्रम सिविल न्यायालय गाडरवारा, गोटेगांव और तेंदूखेड़ा में भी आयोजित किए गए।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री सुधेश वैद्य, विशेष न्यायाधीश श्री मनोज कुमार लढ़िया, कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री विपिन लवानिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री दिनेश मीणा, जिला रजिस्ट्रार श्री धर्मेंद्र नागवंशी सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालयीन स्टाफ मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने इसे न्यायिक परिवार को जोड़ने वाला एक अनूठा प्रयास बताया।

