बालाघाट में 24 बच्चों की मौत पर मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जताया दुख, बोले- सरकार गंभीरता से कर रही निगरानी

 


भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वनांचल क्षेत्रों में संक्रमण और कुपोषण के कारण मासूम बच्चों की मौत के मामले पर परिवहन एवं स्कूली शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में इस तरह बच्चों की जान जाना बेहद पीड़ादायक है। सरकार पूरे घटनाक्रम को संवेदनशीलता और गंभीरता से ले रही है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी हाल ही में बैगा बाहुल्य ग्राम बोंदारी पहुंचे थे। यहां उन्होंने मलेरिया, मीजल्स (खसरा) और कुपोषण से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली थी। मुख्यमंत्री ने मृतक बच्चों के आश्रित परिजनों को शासन की ओर से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की थी।

दुर्गम इलाकों में पहुंचाया जा रहा स्वास्थ्य लाभ

एक विशेष टीवी साक्षात्कार में वरिष्ठ पत्रकार से चर्चा करते हुए मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक क्षेत्र में 24 बच्चों की असमय मौत हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांव बेहद दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों के बीच स्थित हैं। बारिश के मौसम में इन इलाकों में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं। प्रभावित बच्चों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है और उनका उपचार किया जा रहा है।

नक्सल प्रभाव खत्म होने के बाद सामने आ रही जमीनी स्थिति

उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले यह पूरा क्षेत्र नक्सली प्रभाव के कारण काफी हद तक कटा हुआ था। अब इन इलाकों के नक्सल मुक्त होने के बाद वहां की जमीनी स्थिति और घटनाओं की जानकारी प्रशासन तक सीधे पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें दूरस्थ इलाकों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों की निगरानी कर रही हैं। सरकार का फोकस बच्चों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के साथ-साथ संक्रमण और कुपोषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने पर है।

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