जन्मदिन पर न हो होर्डिंग-बैनर, न कोई कार्यक्रम; हेमंत खंडेलवाल की सादगी बनी चर्चा का विषय

हाई प्रोफाइल पद, लो प्रोफाइल अंदाज!
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पेश की सादगी की मिसाल

भोपाल। आज के दौर में जब राजनीति में हर छोटा-बड़ा मौका शक्ति प्रदर्शन और होर्डिंग-बैनर का माध्यम बन गया है, तब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक अलग और अनुकरणीय मिसाल पेश की है।

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल का जन्मदिन 3 सितंबर को था, लेकिन उससे दो दिन पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं से हाथ जोड़कर एक मार्मिक अपील की थी।

 जन्मदिन पर प्रचार से दूर रहने की अपील

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "कृपया मेरे जन्मदिन पर कहीं भी होर्डिंग, बैनर, विज्ञापन या किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित न किया जाए।"

 कार्यकर्ताओं के नाम भावुक संदेश

“प्रिय कार्यकर्ता भाइयों-बहनों, आप सभी के स्नेह तथा अपनापन ने मुझे सदैव नई ऊर्जा दी है। आप सभी से एक विनम्र आग्रह है कि मेरे जन्मदिन 3 सितंबर पर होर्डिंग्स, बैनर अथवा विज्ञापन तथा किसी भी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन ना करें। इसके स्थान पर संगठन के कार्यों को निष्ठापूर्वक आगे बढ़ाएं तथा जनसेवा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आपका समर्पण, परिश्रम तथा संगठन के प्रति प्रतिबद्धता ही मेरे लिए सबसे अमूल्य उपहार है।”

 सादगी को बताया संगठनात्मक संस्कार

उन्होंने यह भी साफ किया कि यह उनका व्यक्तिगत आग्रह है, कोई आदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते हमें शुचिता और सादगी का परिचय देना चाहिए।

 राजनीतिक गलियारों में संदेश की चर्चा

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब हर नेता अपने जन्मदिन को प्रचार का पर्व बना देता है, तब किसी बड़े नेता का खुद अपने समर्थकों से प्रचार से दूर रहने का आग्रह, राजनीति के मूल उद्देश्य ‘सेवा’ की ओर लौटने का संदेश है।

 कार्यकर्ताओं में सम्मान

जबलपुर, नरसिंहपुर, महाकौशल सहित पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं में इस संदेश को लेकर खासा सम्मान रहा।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि सादगी और संगठन के प्रति समर्पण ही असली भाजपाई संस्कार है , और प्रदेश अध्यक्ष जी ने इसे जी कर दिखाया है।

सेवा, सादगी और संगठन के प्रति समर्पण का संदेश

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