रक्षाबंधन के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में निरूद्ध बंदियों एवं उनके परिजनों के लिए खुली मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई। प्रातः 8 बजे से प्रारंभ हुई इस मुलाकात में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुल 757 बंदियों को उनकी लगभग 2 हजार 428 बहनों, भाईयों एवं बच्चों से मुलाकात कराई गई।
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने अपने बंदी भाइयों को तिलक लगाकर रक्षासूत्र बांधा और उन्हें सत्कर्मों के माध्यम से सभ्य नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। बहनों ने भाइयों से बुराइयों एवं विकारों का त्याग कर भविष्य का जीवन अच्छाई और सत्मार्ग पर चलकर व्यतीत करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। बंदी भाइयों ने भी बुराइयों को त्यागकर आगे का जीवन सत्मार्ग पर चलने का वचन दिया।
जेल प्रशासन का मानना है कि परिवार का प्रेम एवं अपनापन व्यक्ति को अपराध की दुनिया से वापस लाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा दे सकता है। बंदियों के मनोबल, आत्मबल और उज्ज्वल भविष्य के लिए जेल विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खुली मुलाकात के दौरान जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी, जेल उप अधीक्षक नरेन्द्र कुमार व्यास, सहायक जेल अधीक्षक आशीष कुमार खरे, एडवर्ड स्वामी सहित सुरक्षा बल एवं जेल स्टाफ उपस्थित रहा।


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