नरसिंहपुर केसरी के लिए विशेष खबर
भोपाल नए वक्फ कानून के अस्तित्व में आते ही मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने वो कर दिखाया है जो दशकों से कोई नहीं कर सका। बोर्ड की शासकीय संपत्ति पर कुंडली मारकर बैठे भू-माफियाओं के खिलाफ बोर्ड ने अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाई को अंजाम दिया है।
वक्फ की जमीन को अपनी जागीर समझकर वर्षों से अवैध इज्तेमा बाजार चलाने वाले मुख्य आरोपी *शाहिद अलीम और उसके सिंडिकेट* पर बोर्ड ने शिकंजा कसते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है। साथ ही साथ *28.91 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक RRC (रिकवरी)* जारी कर माफियाओं के आर्थिक साम्राज्य पर सीधा प्रहार किया गया है।
*वर्षों से चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार*
खुलासा बेहद चौंकाने वाला है। वक्फ की शासकीय संपत्ति पर खुद को मालिक बताकर ये माफिया सैकड़ों दुकानों को अवैध रूप से किराए पर चढ़ाकर हर महीने करोड़ों की अवैध वसूली कर रहे थे। गरीबों और यतीमों के हक की संपत्ति पर ये गिद्ध की तरह मंडरा रहे थे।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने इस अवैध कब्जे के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। नए वक्फ कानून के तहत उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को दर्ज करने के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। अंततः फैसला शासन और बोर्ड के पक्ष में आया, जिसके बाद आज बोर्ड मुख्यालय में जश्न और उत्साह का माहौल है।
*अब बदलेगी इज्तेमा बाजार की तस्वीर*
बोर्ड के अध्यक्ष *डॉ. सनवर पटेल* ने आज पत्रकार वार्ता में दो टूक कहा है कि अब गुंडागर्दी नहीं, कानून का राज चलेगा। उन्होंने ऐलान किया है कि इज्तेमा बाजार का संचालन अब पूरी तरह विधि सम्मत और बाजार दरों पर किया जाएगा।
इससे मिलने वाली राजस्व आय का एक-एक पैसा यतीम बच्चों की शिक्षा, बेटियों के निकाह और कौम के कमजोर तबके के उत्थान पर खर्च किया जाएगा। अब वहां दुकानदारों को मूलभूत सुविधाएं भी मिलेंगी, जो माफिया राज में छीन ली गई थीं।
"वक्फ की संपत्ति अल्लाह की अमानत है, किसी माफिया की बपौती नहीं। नए कानून ने हमें वो ताकत दी है कि हम एक-एक इंच जमीन को माफियाओं से मुक्त कराएंगे।" - *डॉ. सनवर पटेल, अध्यक्ष, म.प्र. वक्फ बोर्ड*
