पैसों से जुड़े ये 5 फैसले भाई-बहन को लेने चाहिए साथ, रिश्ता और गहरा होने लगेगा

  




रक्षाबंधन बहन और भाई के प्रेम का पर्व है. यह वो त्योहार है जब बहने भाई की कलाई पर रक्षा का सूत्र बांधती हैं और भाई से रक्षा का वादा लेती है. नोंक-झोंक और तकरार के बीच दोनों के प्यार को सेलिब्रेट करने का दिन है रक्षाबंधन. लेकिन, बहन-भाई का रिश्ता यहीं तक सीमित नहीं है. दोनों एकदूसरे के साथ मिलकर एकदूसरे को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने में मदद भी कर सकते हैं. यहां ऐसे ही 5 फाइनेंशियल लेसन (Financial Lessons) दिए गए हैं जो भाई-बहन दोनों साथ मिलकर सीख सकते हैं या कहें साथ मिलकर पैसों से जुड़े ये फैसले ले सकते हैं.
एकदूसरे को गिफ्ट में क्या देना है बेस्ट
भाई-बहन साथ मिलकर यह डिसाइड कर सकते हैं कि एकदूसरे को गिफ्ट में किस तरह की चीज दी जा सकती है. हर बार ही कपड़े या मेकअप का सामान या स्किन केयर ही क्यों देना जब आप ऐसी कोई चीज भी दे सकते हैं जो सालों तक पूंजी के रूप में अपने पास रखी जा सकती है. भाई-बहन यह डिस्कस कर सकते हैं कि कितने बजट में किस तरह की चीज खरीदी जाए जिसकी जरूरत ज्यादा है या चीज के बजाय पैसे दिए जाएं या नहीं.

क्रेडिट कार्ड पर निर्भर ना होना


भाई-बहन एकदूसरे को यह समझा सकते हैं और खुद भी समझ सकते हैं कि क्रेडिट कार्ड पर निर्भरता सही नहीं है. वे यह साथ में डिस्कस कर सकते हैं कि क्रडिट कार्ड पर निर्भर होकर आमदनी से ज्यादा खर्च कर देना लंबे समय तक व्यक्ति को ऋणी बना देता है और वह अपनी जरूरतों में उलझकर रह जाता है और कभी भी सेविंग्स नहीं कर पाता है.

क्षमता के अनुसार खर्च
त्योहारों के आस-पास अगर भाई-बहन एकदूसरे के लिए गिफ्ट्स खरीदते हैं तो कई बार अपनी क्षमता से ज्यादा महंगी चीजें खरीद लेते हैं. बहन-भाई को यह बात करनी चाहिए कि गिफ्ट्स दिल से दिए जाते हैं और जेब देखकर देने में समझदारी होती है. अगर अपनी जेब से ज्यादा महंगे खरीद लिए जाएं तो बजट बिगड़ जाता है और अन्य जरूरत की चीजों को लेकर स्ट्रगल करना पड़ता है. गिफ्ट्स को लेकर यह बात क्लियर कर लेना बेहतर होता है.
भाई-बहन को एकसाथ मिलकर यह फैसला करना चाहिए और सीखना चाहिए कि अपना इमरजैंसी फंड बनाना कितना जरूरी है और इमरजैंसी फंड कैसे बनाना चाहिए. समय का कोई भरोसा नहीं है और नौकरी कब है या नहीं वो भी नहीं पता. वहीं, अचानक कभी जरूरत पड़ जाए या कोई दिक्कत आ जाए तो उसके लिए भी खुद को तैयार रखना जरूरी है. भाई-बहन एकदूसरे को सपोर्ट करते हुए इमरजैंसी फंड बना सकते हैं.
भाई-बहन एकदूसरे को यह सिखा सकते हैं कि इन्वेस्ट करना कितना जरूरी है. पैसों की बचन अपने अकाउंट से बेहतर एफडी, म्यूचुअल फंड या एसआईपी वगैरह के जरिए की जा सकती है. यह जितना जल्दी शुरू हो और जितना कंसिस्टेंट हो उतना अच्छा है. ऐसे में भाई-बहन एकसाथ बैठकर इन्वेस्टमेंट प्लान खोज सकते हैं और सेटअप कर सकते हैं.

प्यार के आड़े कभी ना आए पैसा
हम अक्सर देखते-सुनते हैं कि रिश्तों में पैसों के चलते दरार आ जाती है. लेकिन, ऐसा हमेशा नहीं होता है. अगर पैसों से जुड़े सही फैसले लिए जाएं, एकदूसरे से चर्चा की जाए और पैस सही तरह से खर्च किए जाएं तो झगड़ों की गुंजाइश नहीं रहती है. भाई-बहन एकदूसरे से ओपन डिस्कशन करके इस तरह की दिक्कतों को अपने रिश्ते से दूर रख सकते हैं.

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