225 ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे किसान: नरसिंहपुर में ट्रैक्टर मार्च से गूंजी मांगों की आवाज, 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

 

225 ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे किसान: नरसिंहपुर में ट्रैक्टर मार्च से गूंजी मांगों की आवाज, 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा



नरसिंहपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और 20 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले बुधवार को जिला मुख्यालय पर विशाल ट्रैक्टर मार्च और महापंचायत का आयोजन किया गया। जिलेभर से पहुंचे किसानों ने 225 से अधिक ट्रैक्टरों और एक हार्वेस्टर के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में महापंचायत आयोजित करने के बाद मंडी परिसर से गांधी चौक तक ट्रैक्टर मार्च और पैदल रैली निकाली।

सुबह से ही कृषि उपज मंडी परिसर में किसानों का ट्रैक्टरों के साथ पहुंचना शुरू हो गया था। किसानों की भारी संख्या को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग का अमला भी सुबह से ही मौके पर तैनात रहा। महापंचायत में संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों को उनकी प्रमुख मांगों से अवगत कराया और आंदोलन की रूपरेखा बताई। इसके बाद एसडीएम कलाबती ब्यारे को 20 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

ट्रैक्टर मार्च में दिखी किसानों की ताकत

महापंचायत के बाद जैसे ही ट्रैक्टरों का काफिला मंडी से शहर की ओर बढ़ा, पूरा मार्ग किसानों के नारों से गूंज उठा। 225 से अधिक ट्रैक्टरों की लंबी कतार और किसानों की बड़ी भागीदारी ने जिले में अपनी अलग छाप छोड़ी। शहरवासियों का कहना था कि किसानों का इतना बड़ा और संगठित प्रदर्शन कई वर्षों बाद देखने को मिला है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ड्रोन से हुई निगरानी

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मंडी से गांधी चौक तक मार्च के पूरे मार्ग पर 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई, जबकि पूरे मार्च की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की गई। विशेष रूप से सुभाष पार्क चौराहे के आसपास पुलिस की निगरानी अधिक रही, क्योंकि वहीं से कलेक्ट्रेट मार्ग जुड़ता है।

राहगीरों और नागरिकों ने भी निभाई सहभागिता

मार्च के दौरान शहर के कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने किसानों के लिए पेयजल, छाछ और अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था की। गर्म मौसम के बीच यह व्यवस्था किसानों के लिए राहत का कारण बनी।

मार्च के दौरान यूनियन के पदाधिकारी विमलेश पटेल, देवेंद्र पाठक सहित अन्य नेताओं ने माइक के माध्यम से किसानों की समस्याओं और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। गांधी चौक पहुंचकर ट्रैक्टर मार्च का समापन हुआ।

किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

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