साहब! हमारी सड़क और नाली आखिर कहां गई? सात साल बाद भी नहीं शुरू हुआ निर्माण, धनारे कॉलोनी के रहवासियों का फूटा गुस्सा
नरसिंहपुर। शहर के रानी अवंतीबाई वार्ड की गली नंबर-3 स्थित धनारे कॉलोनी के रहवासी पिछले सात वर्षों से एक ही सवाल पूछ रहे हैं—"साहब, हमारी सड़क और नाली आखिर कहां गई?" वर्ष 2019 में स्वीकृत सड़क एवं नाली निर्माण कार्य आज तक धरातल पर शुरू नहीं हो सका है। तीन माह में पूरा होने वाली परियोजना सात साल बाद भी फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई, जिससे स्थानीय लोगों में नगर प्रशासन और जिला प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष है।
रहवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए न केवल स्वीकृति मिली थी, बल्कि निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। इसके बावजूद आज तक एक ईंट तक नहीं रखी गई। ऐसे में नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि कार्य स्वीकृत था तो निर्माण क्यों नहीं हुआ और यदि इसके लिए राशि जारी हुई थी तो उसका उपयोग आखिर कहां किया गया।
बारिश में बदहाल होती है कॉलोनी
धनारे कॉलोनी के लोगों के मुताबिक बारिश के मौसम में उनकी परेशानियां कई गुना बढ़ जाती हैं। कच्ची सड़क पर कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन घरों तक नहीं पहुंच पाते। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंदगी और फिसलन के कारण हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
कचरा वाहन भी नहीं पहुंचता
रहवासियों का आरोप है कि नगर पालिका का कचरा वाहन भी नियमित रूप से इस क्षेत्र में नहीं आता, जिससे गंदगी का अंबार लगा रहता है। नाली नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है और आसपास का वातावरण अस्वच्छ बना रहता है।
कई बार दिए आवेदन, फिर भी नहीं मिली राहत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे नगर पालिका से लेकर कलेक्टर तक कई बार आवेदन और ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।
अब रहवासियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि स्वीकृत निर्माण कार्य आखिर क्यों नहीं हुआ और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें केवल वादे नहीं, बल्कि सड़क और नाली का निर्माण चाहिए। उनका सीधा सवाल है कि जब तीन माह में पूरा होने वाला काम सात साल बाद भी शुरू नहीं हुआ, तो इसकी जवाबदेही आखिर किसकी है?
