जघन्य, चिन्हित मामलों में शत-प्रतिशत आरोपियों की गिरफ्तारी, 2.5 करोड़ की चोरी में से 82% संपत्ति बरामद
नरसिंहपुर। जिले में लूट-डकैती, हत्या, दुष्कर्म जैसी जघन्य वारदातों में जिला पुलिस की त्वरित कार्रवाई को प्रदेश स्तर पर सराहा गया है। पिछले एक साल में जिला पुलिस की विशेष टीमों को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सात प्रशस्ति पत्र प्रदान किए हैं। इनमें एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा व एएसपी संदीप भूरिया को व्यक्तिगत प्रमाण पत्र भी शामिल हैं। विभाग के अनुसार ये पहली दफा है जब किसी एसपी के कार्यकाल में इतने सारे प्रशंसा पत्र एक साल में जिला पुलिस को मिले हैं।
हत्या में 100 फीसदी गिरफ्तारी -
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले साल 25 अगस्त से मौजूदा साल में जिले में हत्या के 30 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 13 मामले तो अंधी हत्या के थे। इन सभी प्रकरणों में पुलिस ने शत-प्रतिशत आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। सबसे अधिक चर्चित व जटिल प्रकरण मुंगवानी, सुआतला और गोटेगांव थानांतर्गत अंधी हत्या से संबंधित थे। इंदानगर में डंपर से कुचलकर पांच लोगों की हत्या, गोटेगांव थानांतर्गत मासूम बेटी से दुष्कर्म और हत्या के प्रकरण रहे। जिनकी गुत्थी को सुलझाने में जिला पुलिस के प्रयासों को पुलिस मुख्यालय से सराहना के साथ नकद इनाम भी प्रदान किया गया।
संपत्ति बरामदगी में भी अव्वल -
247 प्रकरण दर्ज हुए हैं। पिछले दिनों जोन स्तर पर हुई समीक्षा में यह जानकारी सामने आई कि इन मामलों में आरोपियों से संपत्ति बरामदगी में जिला पुलिस का प्रदर्शन अव्वल रहा है। कुल 151 प्रकरणों में पुलिस ने ढाई करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अपहृत, चोरी की गई संपत्ति में से दो करोड़ छह लाख रुपए से अधिक की बरामदगी की है। जो कि 82 प्रतिशत है। जबकि जबलपुर जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों में संपत्ति बरामदगी की यह दर 50 से 70 फीसदी के बीच है। इन मामलों में सबसे चर्चित जिला मुख्यालय के होटल में 75 लाख रुपए की लूट का मामला था। जिसमें पुलिस ने चंद घंटों में ही रकम और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
मासूम को न्याय दिलाने कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी -
गोटेगांव थानांतर्गत बीते 6 अगस्त को आठ साल की मासूम छात्रा का अपहरण, दुष्कर्म करने के बाद उसकी नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस प्रकरण में पुलिस टीमों ने महज चंद घंटों के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस प्रकरण में मासूम बालिका और उसके परिजनों को जल्द न्याय मिल सके, इसके लिए एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा के निर्देशन में एसआईटी की जांच पूरी हो चुकी है। कोर्ट में अब चालान पेश करने की तैयारी हो रही है। एसपी डॉ. मीणा के अनुसार आरोपी की कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए साक्ष्य वियोजना करवाकर साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। डीएनए रिपोर्ट के साथ प्रकरण को फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।
इसी तरह हत्या के प्रयास के 27 मामलों में भी पुलिस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की है। इन जघन्य वारदातों के दौरान घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक का हर समय मौजूदगी को भी वरिष्ठ कार्यालय ने सराहा है।
