मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आने वाले ढाई साल में मध्य प्रदेश सरकार का खास फोकस युवा, रोजगार, स्टार्टअप और निवेश पर रहेगा। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक क्षेत्र में हर साल एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही युवाओं को मौजूदा जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए स्किल ट्रेनिंग पर भी जोर दिया जाएगा।
युवाओं के लिए 7 पिलर्स पर काम
सरकार शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, स्टार्टअप, खेल एवं संस्कृति, शोध और नेतृत्व क्षमता विकास को सात प्रमुख आधार बनाकर काम करेगी। अगले एक साल में एक लाख युवाओं को ITI में ट्रेनिंग देने और 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उद्योगों और युवाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए अलग प्लेसमेंट सेल तैयार किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य हर जिले में कम से कम एक ऐसा सेंटर उपलब्ध कराना है, जहां युवा अपने स्टार्टअप आइडिया को आगे बढ़ा सकें।
स्टार्टअप और निवेश पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल करीब 8 हजार स्टार्टअप हैं, जिनमें लगभग आधे महिला नेतृत्व वाले हैं। सरकार इनकी संख्या बढ़ाकर 12 हजार से अधिक करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
निवेश के मोर्चे पर सीएम ने कहा कि प्रदेश में आए 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश जमीन पर उतर चुका है। धार में बनने वाला 21,500 करोड़ रुपये का पीएम मित्र पार्क प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई दिशा देने वाला प्रोजेक्ट बताया गया। वहीं अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027 भोपाल में आयोजित करने की घोषणा की गई।
2026 को किसान कल्याण वर्ष
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए भी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार के मुताबिक पिछले ढाई साल में किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है। जमीन अधिग्रहण के मामलों में चार गुना मुआवजे के फैसले का भी जिक्र किया गया।
सिंचाई, सड़क और बिजली पर बड़ा लक्ष्य
केन-बेतवा लिंक परियोजना के जरिए प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर सरकार का जोर है। करीब 44,600 करोड़ रुपये की परियोजना के माध्यम से 2028-29 तक सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क और ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने अपनी उपलब्धियां और आगे की योजनाएं बताईं। मुख्यमंत्री के अनुसार 23 हजार करोड़ रुपये की लागत से 15 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। वहीं बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी को मौजूदा 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
