नरसिंहपुर|भारत के स्वाधीनता संग्राम के आध्यात्मिक प्रणेता, महान राष्ट्रवादी चिंतक एवं योगी महर्षि श्री अरविंद घोष जी की 154वीं जन्म-जयंती के अवसर पर व्याख्यानमाला का आयोजन मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद नरसिंहपुर के तत्वाधान में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय नरसिंहपुर के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं महर्षि श्री अरविंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं संगठन गीत के साथ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि के रूप में श्री देवराम जानकी मंदिर खिरका गाडरवारा के महंत श्री बालकदास महाराज ने कहा कि 15 अगस्त भारत के इतिहास की अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है। इसी दिन भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की और इसी दिन महर्षि अरविंद घोष का जन्म हुआ। यह केवल एक संयोग नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक यात्रा का अद्भुत संगम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद की जयंती मनाना केवल उनके जीवन को स्मरण करना नहीं है, बल्कि उनके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने का अवसर है।
मुख्यवक्ता डॉ. नमिता साहू ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद का संपूर्ण जीवन आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद से ओत-प्रोत रहा। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को केवल राजनीतिक संघर्ष के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे राष्ट्र की आत्मा के जागरण का अभियान माना। कार्यक्रम को डॉ. अनंत कुमार दुबे ने भी संबोधित किया। जिला समन्वयक मप्र जन अभियान परिषद श्री जयनारायण शर्मा ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों एवं कार्यकर्ताओं को मंच से सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर डॉ. गणेश कुमार सोनी, स्वामी निरंजन गंगाधर पालिमंकर महाराज, नवांकुर संस्थाओं, ग्राम विकास एवं वार्ड विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों, सीएमसीएलडीपी पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों एवं परामर्शदाताओं सहित सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का सफल संचालन विकासखंड समन्वयक प्रतीक कुमार दुबे और आभार विकासखंड समन्वयक चीचली सुश्री स्मिता दांडे ने व्यक्त किया।

