नरसिंहपुर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: एक्सीडेंट नहीं, सुनियोजित हत्या थी; टूटे 'A' मोनोग्राम ने खोला पूरा राज
जबलपुर/नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में नेशनल हाईवे-45 पर हुए बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में एक भीषण सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या की साजिश निकली। पुलिस की गहन जांच, तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से मिले एक छोटे से सुराग ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
घटना 19 जुलाई की रात सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के पास हुई थी। हाथीनाला वाटरफॉल घूमने आए कुछ युवक सड़क किनारे खड़े थे, तभी एक हाईवा ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में राजेंद्र पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य युवकों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एक युवक का इलाज अभी भी जारी है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया उसी रात घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने कई घंटों तक घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। इसी दौरान सड़क पर अंग्रेजी अक्षर 'A' का टूटा हुआ मोनोग्राम मिला, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी।
पुलिस को संदेह हुआ कि यह मोनोग्राम किसी टाटा कंपनी के वाहन का हिस्सा हो सकता है। इसके बाद जांच टीम ने शाहपुरा, जबलपुर तथा हाईवे के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उस हाईवा तक पहुंचने में सफल रही, जिसका उपयोग वारदात में किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हत्या को सड़क हादसा साबित करने के लिए पूरी योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार इस साजिश को अंजाम देने में दो हाईवा का इस्तेमाल किया गया। घटना को दुर्घटना का रूप देकर जांच को भटकाने की कोशिश की गई, लेकिन घटनास्थल से मिला एक छोटा-सा सुराग पूरी साजिश का पर्दाफाश कर गया।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी आनंद राजपूत सहित अन्य प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त दोनों हाईवा और अन्य लग्जरी वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि वैज्ञानिक जांच और सूक्ष्म साक्ष्य किस प्रकार बड़े से बड़े अपराध का पर्दाफाश कर सकते हैं। सड़क पर पड़ा एक टूटा हुआ 'A' मोनोग्राम इस बहुचर्चित हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित हुआ।
(पुलिस के अनुसार यह खुलासा अब तक की जांच पर आधारित है। मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है और आरोपियों का दोष सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।)
