नई दिल्ली/नरसिंहपुर केसरी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान का उदाहरण हाल ही में उस समय देखने को मिला जब प्रधानमंत्री ने अपने खिलाफ अपशब्द कहने वाली एक लड़की को माफ कर दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहते दिखी लड़की की मां ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा माफ किए जाने के फैसले की वजह से उनकी बेटी को "जीवनदान" मिला है।
'पीएम ने बदला नहीं, माफ करना चुना'
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए लड़की की मां ने कहा कि वह शुक्रगुजार हैं कि पीएम मोदी ने उनके खिलाफ अपमानजनक बातें कहे जाने के बावजूद बदला लेने के बजाय माफ़ करने का रास्ता चुना।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी से मेरी एक गुज़ारिश है। हम उनके सामने कुछ भी नहीं हैं। वह इस देश के 'राजा' हैं। उन्होंने एक ऐसे बच्चे को माफ़ करके सच में बहुत नेक काम किया है जिसने उनके खिलाफ़ इतनी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। आज मेरी बेटी का जन्मदिन है और उसे सबसे बड़ा तोहफ़ा प्रधानमंत्री मोदी से मिला है। उन्होंने उसे 'जीवनदान' दिया है। आज मेरी बेटी के लिए एक नए जन्म जैसा है।"
बेटी को गोद लेने की अपील
मां ने प्रधानमंत्री से अपनी बेटी को "गोद लेने" और उसका भविष्य सुरक्षित करने में मदद करने का भी अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी से अपील करती हूँ कि वे इस लड़की को गोद लें और उसका भविष्य संवारने में मदद करें। जिस तरह आप गाँवों को गोद ले रहे हैं और एक बेहतर भारत बनाने के लिए काम कर रहे हैं, कृपया इस बच्ची को अपनी देखरेख में लेकर और उसकी ज़िंदगी को फिर से बनाने में मदद करके एक छोटी सी पहल करें।"
मां ने अपनी बेटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि एफआईआर में लड़की की उम्र गलत बताई गई है। "हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करेंगे कि FIR वापस ली जाए ताकि वह शांति से जी सके।"
सोशल मीडिया पर बैन की मांग
यह कहते हुए कि वह इंस्टाग्राम का इस्तेमाल नहीं करतीं, मां ने कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद उनके परिवार को ऑनलाइन बदसलूकी का सामना करना पड़ा।
नाबालिगों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने की अपील करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से 10 से 20 साल की उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर बैन लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा, "उन्हें सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने दें। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए क्योंकि अक्सर उनका फ़ायदा उठाया जाता है।"
'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का असली अर्थ
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था। इस अभियान की मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की वर्षा 2025 की ब्रांड एंबेसडर मेहनाज खान ने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने अपने आचरण से इस अभियान के असली मकसद को भी सिद्ध कर दिया।
एक बेटी द्वारा की गई गलती को माफ कर, उसे नया जीवन देकर प्रधानमंत्री ने साबित किया कि बेटियों के सम्मान और भविष्य की रक्षा करना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य है।
