भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बदलते मौसम के साथ वायरल और रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के मामलों ने विकराल रूप ले लिया है। शहर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के 6 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसके बाद शहर में स्वाइन फ्लू का आधिकारिक अलर्ट जारी हो सकता है।
इंदौर-उज्जैन में मौतों के बाद बढ़ा खतरा
हाल ही में इंदौर और उज्जैन में स्वाइन फ्लू से हुई मौतों के बाद अब भोपाल में केस सामने आने से डॉक्टरों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। मौसमी बीमारियों, वायरल बुखार और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। भोपाल के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की OPD रोजाना 10,000 के आंकड़े को पार कर रही है।
क्या है स्वाइन फ्लू और इसके लक्षण
यह एक तीव्र श्वसन संक्रमण है, जो H1N1 इंफ्लुएंजा वायरस के कारण फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने या दूषित सतहों को छूने से एक-दूसरे में तेजी से फैलता है।
प्रमुख लक्षण: तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, शरीर व सिर में तेज दर्द, अत्यधिक थकान और कुछ मामलों में उल्टी व दस्त।
बचाव व सावधानी: भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं, लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और खुद से दवाइयां लेने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग की आज होने वाली बैठक में अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, टेस्टिंग किट और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं।
