मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने चांवरा विद्यापीठ के विद्यार्थियों से किया संवाद

 


मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने चांवरा विद्यापीठ के विद्यार्थियों से किया संवाद

नशामुक्ति, जल-पर्यावरण संरक्षण, तकनीक और तनावमुक्त जीवन पर विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

नरसिंहपुर/प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर चांवरा विद्यापीठ, नरसिंहपुर में कक्षा 7वीं एवं 9वीं के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जीवन, समाज और राष्ट्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। मंत्री श्री पटेल ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब अपने अनुभवों और रोचक उदाहरणों के माध्यम से दिए तथा स्वयं भी बच्चों से संवादात्मक प्रश्न पूछकर उनकी जिज्ञासाओं को जाना।





      विद्यार्थियों भूमि राय, आयशा खान, सानवी मेहरा, वरुण परासर, आदि शर्मा, नैतिक एवं निष्ठा सहित अन्य विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत अभियान, युवाओं को नशे से बचाने के उपाय, जीवन में प्रेरणा देने वाले अनुभव, सफल नेतृत्व, जल संरक्षण एवं संवर्धन, तकनीक के दुष्प्रभाव और उनसे बचाव सहित विभिन्न विषयों पर प्रश्न किए।


      इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल रामसनेही पाठक, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, डॉ. अनंत दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद थे।


नशे के खिलाफ समाज को एकजुट होना होगा


      मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है और इसके खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। सरकार अकेले नशे को समाप्त नहीं कर सकती। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि यदि कोई व्यक्ति नशे की ओर बढ़ रहा है तो उसे रोकने और सही रास्ते पर लाने का प्रयास करे।


      उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और आसपास के लोगों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यालय को परिवार की तरह बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को भी नशे के खिलाफ एक टीम के रूप में काम करना चाहिए, ताकि विद्यालय परिसर में नशे जैसी बुराई प्रवेश न कर सके। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक सरोकारों से जुड़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।


जीवन में बदलाव के लिए प्रेरणा जरूरी


      एक छात्रा के सवाल पर मंत्री श्री पटेल ने अपने छात्र जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने नवरात्रि के दौरान मौन व्रत और उस समय स्वामी विवेकानंद की ‘राजयोग’ पुस्तक के अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में कुछ क्षण ऐसे आते हैं, जो व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आने वाले महत्वपूर्ण अनुभवों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और अच्छे विचारों को अपने आचरण में उतारना चाहिए।


नर्मदा परिक्रमा का अनुभव साझा कर जल संरक्षण का दिया संदेश


      मंत्री श्री पटेल ने वर्ष 1994 में की गई नर्मदा परिक्रमा का अनुभव साझा करते हुए नदियों, प्रकृति और संगम के महत्व पर विद्यार्थियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।


      उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी शुद्ध हवा और पानी मिल सके, इसके लिए अभी से जागरूक होना आवश्यक है। "वैज्ञानिक नदी पर बांध बना सकता है, लेकिन नदी नहीं बना सकता" बताते हुए उन्होंने प्रकृति की सर्वोच्चता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का महत्व समझाया।


      उन्होंने विद्यार्थियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी मां या किसी प्रियजन के नाम पर एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करता है, तो वह वास्तव में आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है।


तनावमुक्त होकर पढ़ें, खेलें और लक्ष्य हासिल करें


      मंत्री श्री पटेल ने विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल, प्रतियोगिता और परीक्षा को कभी तनाव का कारण नहीं बनाना चाहिए। तनाव में विद्यार्थी पढ़ी हुई चीजों को भी भूल सकते हैं। इसलिए पढ़ाई को आनंद के साथ करें और खेलों में भी रुचि लें।


      उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत जरूरी है, लेकिन इसके साथ मन और मस्तिष्क को रिलैक्स रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को बिना तनाव के पढ़ाई, खेल और अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।


विद्यार्थियों ने भी साझा किए अपने अनुभव


      संवाद के दौरान मंत्री श्री पटेल ने विद्यार्थियों से पूछा कि क्या उन्होंने नशे के कारण किसी परिवार या व्यक्ति को प्रभावित होते देखा है। इस पर एक विद्यार्थी ने बताया कि नशे के कारण घर और आसपास विवाद की स्थिति बनती है। वहीं एक छात्रा ने अपने परिचित से जुड़ी घटना साझा करते हुए बताया कि नशे की हालत में हुई सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे स्वस्थ होने में लगभग एक वर्ष लगा। इस घटना ने उन्हें नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।


      मंत्री श्री पटेल ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि मन में आने वाले प्रश्नों को उत्साह के साथ पूछना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में कई पड़ाव आते हैं और सही रास्ते पर आगे बढ़ना ही सबसे बड़ी ताकत है। मित्रों और सहपाठियों का भी दायित्व है कि वे एक-दूसरे को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।


      संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मंत्री श्री पटेल से विभिन्न विषयों पर खुलकर चर्चा की। यह संवाद विद्यार्थियों के लिए नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देने वाला रहा।

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