शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी का निर्माता है
नरसिंहपुर केसरी |प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शिक्षक दिवस के अवसर पर स्थानीय पीजी कॉलेज में आयोजित शिक्षक दिवस सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज और सरकार दोनों को बदलते समय तथा नई पीढ़ी की आवश्यकताओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करना होगा। नई पीढ़ी के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का समाधान केवल सरकारों के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि परिवार, शिक्षक, गुरु, समाज और अनुभवी नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जीवन के लंबे अनुभव से समृद्ध लोगों को अपने अनुभवों का उपयोग आने वाली पीढ़ी के मार्गदर्शन और निर्माण में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की उम्र बढ़ने के साथ उसकी प्राथमिकताओं और जीवन के एजेंडे में भी समयानुकूल परिवर्तन होना चाहिए। जो व्यक्ति चालीस, पचास या साठ वर्षों का अनुभव प्राप्त कर चुका है, उसका अनुभव केवल उसकी निजी पूंजी नहीं, बल्कि समाज की धरोहर भी है।
उन्होंने कहा कि अनेक लोग सेवानिवृत्ति के बाद भी स्वस्थ, सक्रिय और अनुभव से समृद्ध हैं। ऐसे लोगों को विचार करना चाहिए कि वे अपने जीवन के अनुभव से आने वाली पीढ़ी के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। वरिष्ठजनों का दायित्व है कि वे युवाओं की बदलती आवश्यकताओं और समस्याओं को समझें तथा अपने अनुभव के आधार पर उनका मार्गदर्शन करें।
केवल प्रमाणपत्र नहीं, जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना होगा
श्री पटेल ने कहा कि आज युवाओं के सामने अनेक नई चुनौतियां हैं। केवल प्रमाणपत्र, डिग्री और औपचारिक शिक्षा जीवन की सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते। युवाओं को समझने, उनके साथ संवाद स्थापित करने तथा उन्हें जीवन के वास्तविक अनुभवों से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल उपदेश देने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे। उन्हें समाज, प्रकृति, श्रम, सेवा और जिम्मेदारियों से जोड़ना होगा। युवा शक्ति को अवसर और सही दिशा देकर उनमें यह विश्वास जगाना होगा कि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समस्याओं का समाधान करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए माता-पिता, परिवार, शिक्षक और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आने वाली पीढ़ी को केवल नियंत्रित करने के बजाय उन्हें सक्षम, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना होगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा और सेवा भाव से जुड़ने का आह्वान
कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक ज्ञान और मनोविज्ञान के साथ भारत की अपनी मनीषा, जीवन-दृष्टि और अनुभव को जोड़कर समाज की अनेक समस्याओं के बेहतर समाधान खोजे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा का व्यापक महत्व रहा है। भगवान की सेवा हो, मानव की सेवा हो, सभी प्राणियों अथवा प्रकृति की सेवा—सेवा का प्रत्येक स्वरूप समाज को मजबूत बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सेवा को कभी छोटा कार्य नहीं समझना चाहिए। व्यक्ति का कर्म और समाज के प्रति उसका दायित्व ही उसकी वास्तविक पहचान है। हमारी भारतीय परंपरा व्यक्ति को उसके कर्तव्य, कर्म और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने की प्रेरणा देती है। श्री पटेल ने कहा कि समय के साथ अनेक सामाजिक अवधारणाओं में परिवर्तन आया है। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी वैदिक और सनातन ज्ञान परंपरा को केवल भावनात्मक दृष्टि से नहीं, बल्कि गंभीर अध्ययन और विवेक के साथ समझें तथा उसके मूल जीवन-मूल्यों को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप आत्मसात करें।
शिक्षक और गुरु की भूमिका सर्वोपरि
शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए श्री पटेल ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी का निर्माता है। शिक्षक और गुरु विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उनमें संस्कार, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यबोध का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की महिमा और आचार्य का दायित्व यही है कि वे अपने ज्ञान और अनुभव को आने वाली पीढ़ी के निर्माण में लगाएं। अनुभवी व्यक्तियों का मार्गदर्शन युवा ऊर्जा को सही दिशा प्रदान कर सकता है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि किसी भी समाज का भविष्य केवल सरकारें नहीं बनातीं, बल्कि परिवार, शिक्षक, गुरु, समाज और अनुभववान नागरिक मिलकर आने वाली पीढ़ी का निर्माण करते हैं। इसलिए अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच सतत संवाद स्थापित करना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, संस्कार और मूल्यों का जो बीजारोपण किया जाता है, वही आगे चलकर सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बनता है। कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अनीता राजेन्द्र सिंह ठाकुर, श्री रामसनेही पाठक, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश, श्री महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, श्रीमती संध्या कोठारी, श्री अनंत दुबे, आचार्य थम्मन शर्मा, श्री राधेश्याम नेमा ,गुरु सक्सेना,शिवकुमार जाट,लेखराम पाराशर,बी. एस. शर्मा,डॉ. सतीश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण उपस्थित थे।
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