मैहर में बनेगा 775 करोड़ का भव्य ‘मां शारदा लोक’, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया भूमिपूजन

 


भोपाल/मैहर। मध्य प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल प्रसिद्ध मां शारदा मंदिर, मैहर को भव्य और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 19 अगस्त को मैहर प्रवास के दौरान करीब 775 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली ‘मां शारदा लोक’ परियोजना का औपचारिक भूमिपूजन किया।

परियोजना के तहत मैहर को धार्मिक आस्था, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का व्यापक सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।

तीन जोन में विकसित होगा ‘मां शारदा लोक’

‘मां शारदा लोक’ परियोजना को तीन प्रमुख जोन में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक जोन में धार्मिक महत्व के स्थलों के साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

पहला जोन: मंदिर परिसर और त्रिकूट पर्वत का विकास

करीब 59 करोड़ रुपये की लागत वाले पहले जोन में त्रिकूट पर्वत, मुख्य मंदिर परिसर, सीढ़ियों, रोपवे और परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके अलावा आल्हा-उदल अखाड़ा, दूल्हा देव मंदिर तथा पहाड़ी मार्ग पर व्यूइंग पॉइंट्स विकसित किए जाएंगे।

दूसरा जोन: वीणा के आकार में होगा मुख्य आकर्षण

करीब 242 करोड़ रुपये की लागत वाले दूसरे जोन को परियोजना का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है। इसे मां सरस्वती के वाद्य यंत्र वीणा के आकार में विकसित करने की योजना है।

इस क्षेत्र में मयूर, हंसवाहिनी और कमल द्वार सहित देवी के विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। धार्मिक और सांस्कृतिक थीम के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक विशेष अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा।

तीसरा जोन: पर्यटन और श्रद्धालु सुविधाओं पर जोर

करीब 318 करोड़ रुपये के तीसरे जोन में भव्य प्रवेश द्वार, विशाल पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ग्रीन पार्क, योग केंद्र और सर्वसुविधायुक्त धर्मशालाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए ओपन एरिया भी तैयार किया जाएगा।

लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव

मैहर का मां शारदा मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि त्रिकूट पर्वत पर माता सती का हार गिरा था, जिसके कारण इस स्थान का नाम ‘माई का हार’ और आगे चलकर मैहर पड़ा।

चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ‘मां शारदा लोक’ परियोजना के पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार के साथ मैहर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार की इस परियोजना का उद्देश्य मैहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

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