रिश्वत की प्रथम किस्त 5 हजार लेते ही बाबू लोकायुक्त के शिकंजे में

 


चपरासी से जीपीएफ राशि के भुगतान के बदले मांग रहे था घूस

जबलपुर/मंडला।  दशरथ लाल बरमैया जो सिवनी माल कन्या आश्रम विकासखंड नारायणगंज जिला मंडला में भृत्य के पद पर पदस्थ था। उसके जीपीएफ राशि 1 लाख के भुगतान प्राप्ति के लिए कार्यालय विकासखंड शिक्षा के अधिकारी नारायणगंज में आवेदन दिया था।  विभागीय बाबू नोखेलाल बेलिया के द्वारा आवेदक से जीएफ की राशि निकलवाने के बाद पारितोषक के रूप में 10000 रुपये रिश्वत की मांग की । जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर से की गई। शिकायत सत्यापन के दौरान  बातचीत करने के समय ₹8000 की रिश्वत राशि लेने के लिए तैयार हो गया। आज 13 अगस्त को आरोपी नोखेलाल बेलिया बाबू को प्रथम किशत के रूप में 5000 रूपये की रिश्वत लेते हुए उसके कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी में रंगे हाथ दबोचा गया । आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण  अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रेप दल में उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति ,निरीक्षक उमा कुशवाह एवम् लोकायुक्त जबलपुर का दल मौजूद था।



एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने