नरसिंहपुर केसरी जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जिले के समस्त थानों के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने लंबित अपराधों, महिला एवं बाल अपराधों, गुमशुदगी के मामलों, बीट सिस्टम, सीसीटीएनएस और ई-डार सहित विभिन्न पुलिस कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।
लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने थानों में लंबित अपराधों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए और विवेचना में अनावश्यक देरी न हो। प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
महिला, बालक और कमजोर वर्ग के मामलों में संवेदनशीलता जरूरी
समीक्षा के दौरान महिला, बालक एवं कमजोर वर्ग से संबंधित मामलों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और पीड़ित-केंद्रित होना चाहिए। शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों की तलाश में तेजी लाने के निर्देश
गुमशुदा व्यक्तियों एवं बालकों की तलाश को लेकर भी पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में प्रारंभिक स्तर से ही प्रभावी कार्रवाई की जाए और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों एवं पुलिस नेटवर्क का उपयोग करते हुए तलाश को गति दी जाए।
बीट सिस्टम को बनाया जाए और सक्रिय
पुलिस अधीक्षक डॉ. मीना ने बीट सिस्टम को और अधिक सक्रिय एवं जवाबदेह बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें और स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखें। क्षेत्र की गतिविधियों और संभावित समस्याओं की जानकारी समय पर थाना स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जाए।
आमजन से बेहतर संवाद पर जोर
समीक्षा बैठक में पुलिस-जनसंपर्क को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आमजन के साथ बेहतर संवाद पुलिसिंग की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुलिसकर्मी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सीसीटीएनएस और ई-डार की भी हुई समीक्षा
पुलिस अधीक्षक ने सीसीटीएनएस एवं ई-डार से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रविष्टियां समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और तकनीकी माध्यमों से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाया जाए, इस पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निराकरण और आमजन की शिकायतों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करें।


