पोलियो ड्रॉप पिलाने के बाद बिगड़ी 3 वर्षीय बच्ची की हालत, भोपाल एम्स में भर्ती; स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच

 



सागर/भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में पल्स पोलियो अभियान के दौरान तीन वर्षीय बच्ची को पोलियो ड्रॉप पिलाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पहले बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए भोपाल स्थित एम्स रेफर कर दिया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

परिजनों का आरोप दवा पिलाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार शाहपुर विकासखंड के ग्राम गिरवर निवासी हरि नारायण अग्निहोत्री की तीन वर्षीय बेटी को 29 जून को गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में पल्स पोलियो अभियान के तहत ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) पिलाई गई थी।

बच्ची के पिता का आरोप है कि दवा पिलाने के कुछ ही समय बाद उसे तेज बुखार आ गया। इसके साथ ही मुंह से लगातार लार आने लगी और हाथ-पैर अकड़ने लगे। परिजन तत्काल बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया।

एम्स की ओर से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

परिजनों का दावा है कि एम्स भोपाल के चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि बच्ची की स्थिति पोलियो ड्रॉप के संभावित रिएक्शन से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, एम्स की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट या बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची के उपचार, मेडिकल रिकॉर्ड, वैक्सीन की जानकारी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण क्या था और उसका पोलियो ड्रॉप से कोई संबंध है या नहीं।

विशेषज्ञों की सलाह जांच पूरी होने तक निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पल्स पोलियो अभियान के तहत दी जाने वाली ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) करोड़ों बच्चों को सुरक्षित रूप से दी जाती है और यह पोलियो उन्मूलन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक मामले के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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