जनता के बीच पहुंचेगी सरकार, 7 अगस्त से शुरू होगा मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान



भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार प्रशासन को आम जनता के और करीब लाने के लिए 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026' की शुरुआत 7 अगस्त से करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर शुरू होने वाला यह अभियान 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को इसके संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अधिकारियों को सीधे जनता के बीच पहुंचाकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानना और लोक सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर लोगों से संवाद करना होगा।

हर शुक्रवार फील्ड में रहेंगे अधिकारी
अभियान के तहत 7 अगस्त से 8 जनवरी 2027 तक हर शुक्रवार प्रदेशभर में अधिकारी क्षेत्रीय भ्रमण करेंगे। इस दिन अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विभागीय, संभागीय और जिला स्तर पर किसी भी तरह की ऑनलाइन या ऑफलाइन समीक्षा बैठक आयोजित नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि अधिकारी कार्यालयों में बैठने के बजाय गांवों और कस्बों में पहुंचकर आम लोगों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों और विभागाध्यक्षों के लिए शुक्रवार को फील्ड भ्रमण अनिवार्य किया है। यदि किसी अधिकारी के लिए भ्रमण संभव नहीं हो तो उसे पहले से मुख्य सचिव कार्यालय को इसकी सूचना देनी होगी।

चार सिद्धांतों पर चलेगा अभियान
सरकार ने इस अभियान के लिए संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी को चार प्रमुख आधार बनाया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें तथा अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

लंबित शिकायतों के निपटारे पर रहेगा फोकस
अभियान के दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित शिकायतों की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और सभी मामलों का तय समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए।



इसके अलावा संभाग स्तर के विभागीय अधिकारियों को भी हर शुक्रवार अपने क्षेत्र के जिलों का दौरा कर विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सादगी और मितव्ययिता पर जोर
राज्य सरकार ने अधिकारियों को अभियान के दौरान सादगी अपनाने के निर्देश दिए हैं। भ्रमण के समय वाहनों की संख्या सीमित रखने और जहां संभव हो वाहन पूलिंग करने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक खर्च कम होगा और अधिकारी अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सकेंगे।
इस अभियान के जरिए सरकार प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शिकायतों के त्वरित समाधान तथा सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना चाहती है।

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