नरसिंहपुर केसरी| ईओडब्ल्यू की टीम ने आय से अधिक संपत्ति की एक बड़ी शिकायत पर ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ प्रभारी कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के ठिकानों पर सुबह-सुबह हुई इस अचानक छापेमारी से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।यह पूरी कार्रवाई डीएसपी मनजीत सिंह धामी के नेतृत्व में की गई। जबलपुर EOW की टीमों ने गुरुवार सुबह ठीक 5:45 बजे छिंदवाड़ा और बालाघाट स्थित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। दो अलग-अलग जिलों में एक साथ हुई इस रेड से साफ है कि जांच का दायरा काफी बड़ा है। टीम का मुख्य फोकस ऐसे वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेज जुटाना है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि अधिकारी की वैध आय और उनकी कुल संपत्ति में कितना अंतर है।
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर संदिग्ध अधिकारी की घोषित आय के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर किए गए निवेश और संपत्तियों की भी गहराई से पड़ताल करती हैं। इस मामले में भी टीम जमीन, मकान, बैंक खाते, वाहन और अन्य आर्थिक लेन-देन के कागजातों को खंगाल रही है। हालांकि, तलाशी अभियान पूरी तरह खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि EOW के हाथ कौन-कौन से अहम दस्तावेज लगे हैं।
के.के. सिंगारे के पास पीडब्ल्यूडी में प्रभारी कार्यपालन यंत्री की जिम्मेदारी है। ऐसे में इस उच्चस्तरीय जांच ने विभाग के भीतर भी सुगबुगाहट तेज कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि सेवाकाल के दौरान अधिकारी के आय के ज्ञात स्रोत क्या रहे और उनके नाम पर कुल कितनी संपत्ति सामने आती है। EOW की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
