मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी से बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा। जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग भी प्रभावित होंगे।
3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 8 इंच तक बारिश
मौसम विभाग ने सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में करीब 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है।
प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
भोपाल और ग्वालियर-चंबल में भी बारिश का असर
मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा सिस्टम का असर भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में 17, 18 और 19 अगस्त को कुछ जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 15 से 21 अगस्त तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। 15 से 19 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का असर रहेगा, जबकि इसके बाद पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 12% कम बारिश
IMD के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 544.4 मिमी यानी करीब 21.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में 618.8 मिमी यानी 24.4 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक करीब 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 18% कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 6% कम है।
43 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 19% तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में 2% से 54% तक कम बारिश दर्ज हुई है।
वहीं पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। इनमें आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। आगामी बारिश के बाद इन आंकड़ों में और बदलाव देखने को मिल सकता है
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