सागर में नकली घी बेचने पहुंचा युवक, डॉक्टरों को हुआ शक तो पुलिस के हवाले किया



सागर। मोतीनगर स्थित शासकीय संभागीय पशु चिकित्सालय में संदिग्ध घी बेचने पहुंचे एक युवक को डॉक्टरों की सतर्कता के चलते पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक एक किलो घी 400 रुपये में बेचने का प्रस्ताव दे रहा था। घी की गुणवत्ता पर संदेह होने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस युवक को थाने ले गई।

मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मोतीनगर थाने पहुंची और युवक के पास मिले घी के नमूने सुरक्षित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

कम कीमत में घी बेचने पर हुआ शक

जानकारी के अनुसार ग्राम आमेठ निवासी जितेंद्र घोषी शुक्रवार को शासकीय पशु चिकित्सालय पहुंचा था। यहां उसने डॉक्टरों से घी खरीदने की बात कही और एक किलो घी 400 रुपये में देने का प्रस्ताव रखा। घी की कीमत और गुणवत्ता को लेकर अस्पताल में पदस्थ डॉ. अनुज शर्मा को संदेह हुआ।

डॉ. शर्मा ने तत्काल मोतीनगर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

पहले भी अस्पताल के डॉक्टरों को बेच चुका था घी

शिकायत में डॉ. अनुज शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले यही युवक उन्हें और अस्पताल में पदस्थ एवीएफओ डॉ. शिखा भारतीय को दो-दो किलो घी बेच चुका था। उस समय घी की कीमत 600 रुपये प्रति किलो बताई गई थी।

बाद में घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी जांच कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार जांच में घी में मिलावट की आशंका सामने आई थी।

खाद्य विभाग ने लिए नमूने

घटना की सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी शीतल सिंह मोतीनगर थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपी के पास मिले घी के नमूने लिए, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घी में वास्तव में मिलावट थी या नहीं।

अस्पताल कर्मचारी की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है। शिकायत के साथ कथित तौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई है। शिकायत में घी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराने, मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने और खरीदे गए घी की राशि वापस दिलाने की मांग की गई है।

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