नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जैन मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर हुई सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। करेली थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगोरिया स्थित जैन मंदिर से सौ वर्ष से अधिक पुरानी बहुमूल्य अष्टधातु एवं प्राचीन मूर्तियों की चोरी करने वाले हाई-टेक गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी चोरी से पहले गूगल लेंस की मदद से मूर्तियों की पहचान और उनकी संभावित कीमत का आकलन करते थे।
पिछले पंद्रह दिनों में क्षेत्र के तीन अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर हुई चोरियों से जैन समाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। लगातार हो रही वारदातों से पुलिस पर भी जल्द खुलासे का दबाव बढ़ गया था।
एसपी ने संभाली कमान, संयुक्त टीम ने किया खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने स्वयं जांच की कमान संभाली। उनके निर्देशन में करेली, गाडरवारा तथा पलोहा-तेन्दूखेड़ा पुलिस की संयुक्त टीमों का गठन किया गया। लगातार तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और फील्ड इनपुट के आधार पर पुलिस ने गाडरवारा के निरंजन वार्ड में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से जैन समाज और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है।
गूगल लेंस से पहचानते थे महंगी मूर्तियां
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। मंदिर में प्रवेश करने के बाद वे अपने स्मार्टफोन में गूगल लेंस ऐप खोलकर मूर्तियों को स्कैन करते थे। इसके जरिए वे यह जानकारी जुटाने की कोशिश करते थे कि मूर्ति किस धातु की बनी है, कितनी प्राचीन है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी संभावित कीमत कितनी हो सकती है।
इसके बाद वे केवल उन्हीं मूर्तियों को निशाना बनाते थे, जिनकी बाजार में अधिक कीमत मिलने की संभावना होती थी।
धार्मिक स्थलों को बनाया था निशाना
पुलिस के अनुसार गिरोह ने पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र के कई धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया था। जैन मंदिर से चोरी हुई प्राचीन मूर्तियों के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों से भी दानपेटी और धार्मिक सामग्री चोरी करने की घटनाओं में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
अन्य वारदातों से भी जुड़ सकते हैं तार
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों या दूसरे राज्यों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। साथ ही चोरी गई प्राचीन मूर्तियों की बरामदगी और संभावित खरीददारों की तलाश भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
