नरसिंहपुर केसरी |नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र में 8 वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने घटना की सूचना मिलते ही स्वयं मोर्चा संभालते हुए विशेष टीमें गठित कीं। करीब 50 पुलिसकर्मियों, डॉग स्क्वॉड, एफएसएल, तकनीकी टीम और सैकड़ों ग्रामीणों की पूरी रात चली सघन तलाश के बाद जंगल की झाड़ियों से मासूम का शव बरामद हुआ और आरोपी अनिल यादव को घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार कर लिया गया
पुलिस के अनुसार 5 अगस्त को बालिका स्कूल से यह कहकर छुट्टी लेकर निकली थी कि उसके पिता ने उसे बुलाया है, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। परिजनों द्वारा गांव और आसपास तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो चौकी झौतेश्वर में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई
सूचना मिलते ही गोटेगांव पुलिस सक्रिय हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया। जंगल, खेतों और झाड़ियों में लगभग 7 से 8 घंटे तक लगातार खोज अभियान चलाया गया। डॉग स्क्वॉड, तकनीकी टीम और वैज्ञानिक संसाधनों की भी मदद ली गई।
देर रात गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर घने जंगल की झाड़ियों में बालिका का शव मिला
घटनास्थल की परिस्थितियों से दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका स्पष्ट होने पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर एफएसएल और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की टीम को बुलाया। वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस ने तेजी से जांच आगे बढ़ाई
जांच के दौरान विद्यालय के शिक्षकों और अन्य लोगों से पूछताछ में सामने आया कि बालिका को अंतिम बार "अन्नू" नाम से पुकारे जाने वाले व्यक्ति के साथ देखा गया था। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी ने लाल रंग की शर्ट पहने एक व्यक्ति को बालिका को मोटरसाइकिल पर बैठाकर जंगल की ओर ले जाते हुए देखा था। इन महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान गांव निवासी अनिल यादव के रूप में की
पुलिस ने संभावित स्थानों पर घेराबंदी की। सूचना मिलने पर जब टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी मोटरसाइकिल से भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे गांव के समीप जंगल से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार घटना के बाद वह खुद को संदेह से दूर रखने के लिए ग्रामीणों के साथ मासूम की तलाश करने का दिखावा भी करता रहा
आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले को चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में रखते हुए एसआईटी की निगरानी में प्राथमिकता से जांच पूरी कर शीघ्र न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी मनोज गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सराफ, निरीक्षक सौरभ पटेल, उप निरीक्षक राम रघुवंशी, विजय द्विवेदी, दिलीप सिंह, रोहित पटेल, प्रकाश पाठक, ऋषिराज रजक, जयवती कूड़ापे, सउनि सुमित तिवारी, सुरेश धुर्वे, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र झरिया, तरुण मेहरा, सुनील, सचिन तिवारी, वरिष्ठ आरक्षक संदीप शर्मा, राहुल तिवारी, आरक्षक सुमित जखमोला, विपिन दुबे, गौरीशंकर पटेल, मनोज सिलावट, शिवराज, नितिन दाहिया तथा महिला आरक्षक दीपिका कहार सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही
नरसिंहपुर पुलिस ने इस कठिन अभियान में सहयोग देने वाले सैकड़ों ग्रामीणों की विशेष सराहना की है। पुलिस ने कहा कि ग्रामीणों ने पूरी रात पुलिस के साथ रहकर तलाश अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे आरोपी तक शीघ्र पहुंचने में बड़ी सफलता मिली। साथ ही ग्रामवासियों ने शांति, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतें, विद्यालय आने-जाने के दौरान निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें।
