अक्षर साथी के अलावा अब विद्यार्थी भी बनेंगे साक्षरता दूत, निरक्षरों को शिक्षित करने पर मिलेगा प्रोजेक्ट का मूल्यांकन
डाइट नरसिंहपुर में विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न, सामाजिक चेतना केंद्रों के संचालन, सर्वे, मॉनिटरिंग एवं कार्ययोजना पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
नरसिंहपुर केसरी |नरसिंहपुर/जिले में निरक्षरता उन्मूलन अभियान को प्रभावी गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नरसिंहपुर में उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। भारत सरकार एवं राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में विकासखंड नरसिंहपुर के 10 जनशिक्षा केंद्रों से जुड़े सामाजिक चेतना केंद्रों के प्राचार्य, जनशिक्षक, संकुल सह-समन्वयक एवं नोडल अधिकारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप द्विवेदी, डाइट प्राचार्य राजीव किशोर श्रीवास्तव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी ब्रजेश शर्मा, विकासखंड स्रोत समन्वयक ओपी राय, जिला सह-समन्वयक (साक्षरता) अखिलेश राजोरिया तथा एपीसी मनीष चौकसे उपस्थित रहे।
जिला परियोजना समन्वयक श्री द्विवेदी ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को पढ़ने, लिखने और गणना करने में सक्षम बनाकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त समाज का निर्माण करना है। वहीं डाइट प्राचार्य श्री श्रीवास्तव ने असाक्षर शिक्षार्थियों के अधिगम स्तर के विश्लेषण, दक्षता आधारित शिक्षण, गतिविधि एवं खेल आधारित अधिगम, समूह कार्य तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री शर्मा ने कहा कि प्रत्येक असाक्षर शिक्षार्थी को निर्धारित दक्षताओं तक पहुँचाना राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं निपुण भारत मिशन की मूल भावना है। इसके लिए सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों को समर्पित भाव से कार्य करना होगा।
दो पालियों में आयोजित प्रशिक्षण में विकासखंड सह-समन्वयक (साक्षरता) विजय नामदेव एवं रामकुमार पटेल ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सर्वे, सामाजिक चेतना केंद्रों के संचालन, कार्यक्रम की अवधारणा, उद्देश्य, कार्ययोजना, मॉनिटरिंग तथा प्रत्येक निरक्षर वयस्क तक शिक्षा पहुँचाने की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान नियमित उपस्थिति, सतत मूल्यांकन, कमजोर शिक्षार्थियों की पहचान, उपचारात्मक शिक्षण, कक्षा-वार लक्ष्य निर्धारण, मासिक प्रगति समीक्षा, अभिभावकों की सहभागिता तथा सीखने के अनुकूल वातावरण विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। अक्षर साथी के अलावा अब हाई स्कूल हायर सेकेंडरी के कला संकाय के विद्यार्थी भी बनेंगे साक्षरता दूत, निरक्षरों को शिक्षित करने पर मिलेगा प्रोजेक्ट का मूल्यांकन।
प्रथम पाली में महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरसिंहपुर, झामर, गोरखपुर, डांगीढाना एवं बचई जनशिक्षा केंद्रों से जुड़े प्राचार्य, संकुल सह-समन्वयक एवं नोडल अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। द्वितीय पाली में शासकीय हाई स्कूल मुर्गाखेड़ा, हायर सेकेंडरी मुंगवानी, रोसरा, हायर सेकेंडरी सिंहपुर बड़ा तथा एसडीएम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरसिंहपुर के प्राचार्य, संकुल सह-समन्वयक एवं नोडल अधिकारियों ने सहभागिता कर उल्लास अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने सामाजिक चेतना केंद्रों के माध्यम से निरक्षर वयस्कों तक शिक्षा की अलख जगाने तथा जिले को साक्षर एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।


