श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बिगड़े मौसम का असर पवित्र अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। प्रतिकूल मौसम और यात्रा मार्ग की सुरक्षा को देखते हुए शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई। प्रशासन ने फिलहाल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। खराब मौसम के चलते यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।
बारिश और भूस्खलन का खतरा
अमरनाथ यात्रा का मार्ग ऊंचे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरता है। ऐसे में बारिश, भूस्खलन, फिसलन और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियां यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा सकती हैं। मौसम खराब होने पर पहाड़ी रास्तों की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी माना जाता है। प्रशासन की ओर से मौसम और मार्ग की स्थिति का आकलन करने के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ाने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की संख्या में आई कमी
खराब मौसम का असर यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी पड़ा है। प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए कई श्रद्धालु यात्रा को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। इसके चलते जम्मू से आगे जाने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आई है।
अमरनाथ यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मौसम में बदलाव का असर यातायात, परिवहन और यात्रा व्यवस्था पर भी दिखाई देता है।
मौसम सुधरने के बाद होगा फैसला
फिलहाल यात्रा दोबारा कब शुरू होगी, इसे लेकर कोई आधिकारिक समय-सीमा सामने नहीं आई है। प्रशासन मौसम की स्थिति और यात्रा मार्ग की सुरक्षा का आकलन करने के बाद ही अगला निर्णय लेगा। मौसम में सुधार और मार्ग को सुरक्षित पाए जाने के बाद यात्रा बहाल की जा सकती है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना आधिकारिक पुष्टि के आगे बढ़ने की कोशिश न करें और यात्रा से संबंधित निर्देशों का पालन करें। आने वाले घंटों में मौसम और यात्रा बहाली को लेकर जारी होने वाले आधिकारिक अपडेट पर सभी की नजर रहेगी।
